बिकरु कांड-50 हजार का इनामी गोविंद दुबे चित्रकूट से गिरफ्तार कागा न्यूज़

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बिकरु कांड-50 हजार का इनामी गोविंद दुबे चित्रकूट से गिरफ्तार

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– सरेंडर कर चुके उमाकांत ने पुलिस को चित्रकूट में रहने की दी थी जानकारी
– बाल गोविंद दुबे का बेटा शिवम दुबे पहले ही हो चुका है गिरफ्तार

कानपुर, 11 अगस्त । सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या की वजह से बने बिकरु कांड में मुख्य आरोपित विकास दुबे के मारे जाने के बाद से उसके गुर्गे अपनी जान बचाने के लिए भागे-भागे घूम रहे हैं। नामजद आरोपितों को पुलिस एनकाउंटर का भय सता रहा है और इसी के चलते शनिवार को आरोपित उमाकांत शुक्ला ने चौबेपुर थाना में सरेंडर करने के लिए अपनी बेटी और पत्नी का सहारा लिया।

उमाकांत ने पुलिस को अहम जानकारी दी और बताया कि घटना का आरोपित और 50 हजार का इनामिया बाल गोविन्द दुबे उर्फ लालू चित्रकूट में साधू का वेष बदलकर रह रहा है। इस पर एसटीएफ ने जाल बिछाना शुरु कर दिया और मंगलवार को चित्रकूट के कामदगिरि मंदिर के पास उसे धर दबोचा, जबकि इसके बेटे शिवम दुबे को पहले ही पुलिस ने चौबेपुर से गिरफ्तार कर लिया है।

चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरु गांव में दो जुलाई की रात दबिश देने गयी पुलिस टीम पर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने अधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस घटना में सीओ देवेन्द्र मिश्रा समेत आठ पुलिस कर्मियों की जान चली गयी थी। पुलिस ने 21 लोगों को नामजद कर विकास दुबे समेत छह आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया। इसके बाद बचे हुए आरोपितों की पुलिस ने तलाश तेज कर दी और आरोपित पुलिस एनकाउंटर के भय से भागे-भागे घूम रहे हैं।

आरोपितों पर पुलिस ने अलग-अलग इनाम भी घोषित कर रखा है। शनिवार को 50 हजार का इनामिया और बिकरु कांड का आरोपित उमाकांत शुक्ला अपनी बेटी और पत्नी को लेकर नाटकीय ढंग से चौबेपुर थाना पहुंचकर सरेंडर कर दिया। बताया जा रहा है कि उमाकांत ने पुलिस को जानकारी दी कि 50 हजार का इनामिया बाल गोविंद दुबे उर्फ लालू चित्रकूट में साधू का वेष बदलकर फरारी काट रहा है।

इस पर एसटीएफ की टीम उसको पकड़ने के लिए चित्रकूट में जुट गयी और मंगलवार को कामदगिरि मंदिर के पास उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह खोही गांव से चित्रकूट जा रहा था। गोविंद दाढ़ी और मूछे बढ़ाने के साथ गेरुवा धारण किये हुए था और बताया जा रहा है कि वह चित्रकूट के मठों में जगह बदल-बदलकर रह रहा था। अभी तक पुलिस इस मामले में 15 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। एसटीएफ की टीम ने बाल गोविंद दुबे को चौबेपुर पुलिस को सुपुर्द कर दिया है और सीएचसी में उसका मेडिकल कराया गया। अब पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी के लिए उससे पूछताछ करेगी।

विकास दुबे का है परिवारी चचेरा भाई

50 हजार रुपये का इनामिया बाल गोविंद दुबे बिकरु कांड के मुख्य आरोपित रहे विकास दुबे का परिवारी चचेरा भाई है, उसका मकान भी विकास के घर के पास ही है। दो जुलाई की रात बाल गोविंद की मकान की छत से भी पुलिस पर गोलियां बरसाई जा रही थीं। पुलिस ने उसे और उसके बेटे शिवम दुबे को भी नामजद किया था। एसटीएफ ने शिवम दुबे को तो चौबेपुर से गिरफ्तार कर लिया था लेकिन बाल गोविंद फरार चल रहा था।

अपने दामाद के लिए विकास से की थी पैरवी

बिकरू कांड की तह में देखा जाए तो बाल गोविंद की अहम भूमिका रही। जिस राहुल तिवारी ने विकास दुबे और उसके साथियों पर मुकदमा दर्ज कराया था उसका कारण बाल गोविन्द दुबे ही था। बताते चलें कि पुलिस टीम भूमि विवाद के मामले में उस रात विकास दुबे के घर दबिश देने गयी थी। यह भूमि विवाद राहुल तिवारी और सुनील तिवारी के बीच था। सुनील तिवारी बाल गोविंद का दामाद है। बाल गोविंद ने अपने दामाद के लिए विकास से पैरवी की थी।

बाल गोविंद दुबे की बेटी का विवाह उन्नाव निवासी सुनील तिवारी से हुआ था। सुनील अपने मामा मोहिनी निवादा निवासी लल्लन शुक्ला के पास रहता था। लल्लन शुक्ला की तीन बेटियां ज्योतिमा, प्रतिमा और सरिता हैं। ज्योतिमा की शादी गौरी लक्खा निवासी बबलू तिवारी और प्रतिमा की शादी जादेपुर निवासी राहुल तिवारी से कर दी थी, जबकि सरिता अभी अविवाहित है। बेटा न होने के कारण लल्लन शुक्ला ने भांजे सुनील को अपने साथ रख लिया था।

करीब एक साल पहले लल्लन शुक्ला की मौत हो गई। आरोप है कि सुनील ने दाननामा वसीयत बनवाकर बेशकीमती छह बीघा भूमि अपने नाम करवा ली, जिसकी कीमत करोड़ों में थी। इसके बाद लल्लन शुक्ला के दामादों का सुनील का विवाद शुरू हो गया। इस पर बाल गोविंद ने जानकारी होने पर विकास दुबे को बीच में डालकर सुनील की मदद की कोशिश कराई थी। इस पर राहुल तिवारी ने चौबेपुर थाने में विकास दुबे व उसके साथियों पर मुकदमा दर्ज करा दिया था, जिस पर पुलिस विकास को गिरफ्तार करने गई थी

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